सुकमा नक्सली हमला

देश के अंदर हमारे वीर जवानों पर देश यही कुछ विध्वंसक तत्वों ने कायराना हमला किया और हमारे 24-26 जवान शहीद हो गए

हर बड़ी घटना के बाद औपचारिकता की शोकसभा श्रद्धांजलि और हुक्मरानों द्वारा रटे रटाए अल्फाज कड़ी निंदा घोर निंदा का दौर चल रहा देश के गृह मंत्री ने इस घटना की कड़ी निंदा की मानो उनकी कड़ी निंदा के बाद अमानवीय गुणों वाले नक्सली आत्मसमर्पण कर देंगे या फिर आने वाले दिनों में कभी हिंसा नहीं करेंगे , शहीद जवानों के परिजनों को उनके घर का खोया सदस्य मिल जाएगा

विचारणीय प्रश्न है क्या प्रधानमंत्री गृह मंत्री या अन्य के द्वारा इस घटना की निंदा भर्तसना से समस्या का हल हो जाएगा ?

शायद नहीं सरकार को कुछ ठोस पहल कुछ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है अपनी सूचना तंत्र को झकझोरने की आवश्यकता है प्रशासन की मुखबीर या तो है ही नहीं या फिर दहशत में बिके हुए से दिखते हैं

प्रशासन ने अपनी पैठ आज तक इन नक्सली संगठनों में कायम नहीं किया इक्के दुक्के विवादास्पद मुखबिरों की सूचना पर कार्यवाहियों को अंजाम दिया जाता है नक्सली ना केवल लाकर अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रहे हैं बल्कि बीच-बीच में पूरे देशवासियों के लिए ऐसी असहनीय पीड़ा दे जाते हैं और हमारी सरकार बड़ी-बड़ी बातें करते खोखले वादे और धमकियां देते अपने दायित्व की इति श्री मान लेते हैं

फर्ज कीजिए आज छत्तीसगढ़ में या फिर देश में भाजपा की सरकार नहीं होती तो क्या तब भी नरेंद्र मोदी जी राजनाथ सिंह जी या अन्य भाजपाई सिर्फ दुखी प्रकट करते जी नहीं भक्तों की फौज ट्रोल कर रही होती और एक से एक क्रांतिकारी पोस्ट आते

सवाल यह नहीं है कि हमने अब तक क्या खोया सवाल किया है कि हमारी तैयारी हमारी सोच आने वाले दिनों में ऐसे घटने ना हो इसके लिए कितनी है सरकारों को अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए सीमा पार के उग्रवादियों से जिस अंदाज में हम निपटते हैं हमारी सरकारों को वही जवाब वही रुतवा नक्सलियों के लिए रखना चाहिए

क्योंकि

उग्रवादियों का कोई मजहब नहीं होता देश नहीं होता भावना नहीं होती मानवता नहीं होता , एक ही उपाय ठोको सालों को 👊

कोवेक्सिन पुर्णतः सुरक्षित औऱ मुफ्त है टीका अवश्य लगवाएं - आनंद

         दीपा आनंद एवं अविनाश आनंद कोरोना संक्रमन के रोकथाम के लिए देशभर में वैक्सीनेशन का काम तेज कर दिया गया है / इसी क्रम में कल 10/04/20...