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एक तरफ बढ़ रहा कोरोना संक्रमन की रफ्तार दूसरी तरफ ताबड़तोड़ रैली कर रही मोदी सरकार #JoBaatHai

अररिया जिले में लगातार कोरोना संक्रमन के नए मामले बढ़ते जा रहे हैं दूसरी तरफ सावधानियों के नाम पर सिर्फ अखबारों में तस्वीरें दिखती है सिर्फ कागजों में होती है बड़ी बड़ी बातें 



जिले के चार प्रखंड को हॉटस्पॉट जोन बना दिया गया है लेकिन लोगों में कहीं कोई ना चिंता ना फिकर / प्रशासनिक अधिकारियों की भी एक तस्वीर आ जानी चाहिए अखबारों में न्यूज़ माध्यमों में कि उन्होंने मास्क की चेकिंग कर खानापूर्ति कर लिया

दूसरी तरफ देश में चुनावों का दौर जारी है प्रधानमंत्री इस वक्त प्रचार मंत्री की भूमिका में हैं और लाखों की भीड़ जुटाकर उन्हें बताया जा रहा कि डिस्टेंस का पालन करें मास्क लगाएं

कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है| हर दिन संक्रमण के औसतन 20 से 25  मामले सामने आ रहे हैं| शु्क्रवार को जिले में कोरोना संक्रमण के 27 नये मामले सामने आये हैं| इस तरह जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 107 हो गई है| वहीं अब तक कुल 91 हजार 535 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया / इसमें टीका का पहला डोज लेने वालों की संख्या 80 हजार 846 है तो 10 हजार 689 लोग टीका का दूसरा डोज 

दिया गया है जानकारी देते हुए सिविल सर्जन अररिया डॉ एमपी गुप्ता ने कहा जिले का फारबिसगंज व अररिया कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित प्रखंडों में शुमार है|जहां हर दिन औसतन संक्रमण के पांच से आठ मामले मिल रहे हैं / वहीं कुर्साकांट पलासी संक्रमण के लिहाज से हॉटस्पॉट जोन में तब्दील हो चुका है लेकिन इन सब का जमीन पर कोई असर नहीं दिख रहा / प्रभावित प्रखंडों में जिलास्तरीय कार्यक्रम पदाधिकारी को नोडल बहाल किया गया / उन्होंने कहा संक्रमण के अधिकांश मामलों में ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिल रही है / विभाग संक्रमण के स्रोत का पता लगाने पर विशेष ध्यान दे रहा है/

सही खबर बेबाक अंदाज 

संक्रमण की वजह से अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हो इसके लिये जिला स्वास्थ्य विभाग ने सप्ताह में चार दिन कोरोना टीकाकरण अभियान के संचालन का निर्णय लिया है/ हर सप्ताह सोमवार, मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को कोरोना टीकाकरण अभियान का संचालन किया जायेगा / शेष दिनों में आरआई व एनसीडी के तहत संचालित कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा 

देश मजबूत हाथों में है आप आराम से आराम कीजिए

आतंकी हमले में गायब CRPF जवान को नक्सलियों ने मुक्त कर दिया है


खुशी की बात है कि अपहृत CRPF जवान राकेश्वर सिंह जी को नक्सलियों ने अपने कैदमुक्त कर दिया है / हो सकता है कि गायब जवान के बच्चे की मार्मिक अपील का असर हो !


पर मेरा मानना है कि यूँ हजारों की भीड़ जन अदालत लगाकर दर्जनभर पत्रकारों को बुलाकर भीड़ के सामने जवान राकेश्वर सिंह को रस्सी से मुक्त कर नक्सली आमलोगों में अपने मजबूत वजूद का एहसास दिला रहे औऱ स्वयं की छवि रॉबिनहुड जैसी बताना चाह रहे




जहां यह दृश्य केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के चेहरे पर कालिख पोत रही वहीं यह (भीड़ का बड़ा हिस्सा) युवाओं को अंधकार की तरफ आकर्षित करने की सफल रणनीति भी है / जिनके हाथों में हथकड़ी लगी होनी चाहिए वो सेना के जवान का बांध हाथ खोलता है
भीड़ के बीच अचंभित स्तब्ध शर्मसार अवाक जवान

खैर छोड़िए इन बातों को इससे क्या फर्क पड़ता है “देश मजबूत हाथों में है” आतंकी सेना के जवान को रिलीज कर रहा देश का प्रधान बंगाल असम केरल जीत रहा है

आप तो बस ताली बजाते रहिए !!


उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बिगड़े बोल मोदी की भाजपा के अनुकूल हैं

रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि अगर लोगों को कोविड-19 के दौरान अधिक राशन पाना था तो दो से ज़्यादा बच्चे पैदा करते.
इसी कार्यक्रम में रावत ने कहा कि भारत 200 साल अमेरिका का ग़ुलाम था और अब कोविड-19 ने उसकी शक्ति को भी कम कर दिया.
तीरथ सिंह रावत. (फोटो: पीटीआई)

देहरादून: बीते हफ्ते के ‘रिप्ड जींस’ बयान को लेकर विवाद अभी थमा ही था कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रविवार को एक और विवादित बयान देते हुए कहा कि लोगों को कोविड-19 के दौरान अगर ज्यादा राशन पाना था तो उन्हें दो की जगह ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए थे.

नैनीताल जिले के रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कोविड-19 प्रभावितों को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन दिया गया और जिसके 20 बच्चे थे, उसके पास एक क्विंटल राशन आया, जबकि जिसके दो बच्चे थे, उसके पास 10 किलोग्राम आया.


उन्होंने कहा, ‘भैया इसमें दोष किसका है? उसने 20 पैदा किए तो उसे एक क्विंटल मिला, अब इसमें जलन काहे का. जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा था कि संस्कारों के अभाव में युवा अजीबोगरीब फैशन करने लगे हैं और घुटनों पर फटी जींस पहनकर खुद को बडे़ बाप का बेटा समझते हैं.

उन्होंने कहा था कि ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं. इस संबंध में उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा था कि एक बार जब वह हवाई जहाज में बैठे तो उनके साथ एक महिला बैठी थीं जो गम बूट पहने हुई थीं, ऐसे में वह बच्चों को क्या संस्कार देगी.

उनके इस बयान को लेकर भी काफी विवाद पैदा हुआ था और सोशल मीडिया पर जमकर उनकी आलोचना की गई थी.

रामनगर के कार्यक्रम में रविवार को उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों के 10 बच्चे थे तो 50 किलोग्राम राशन आ गया, जिसके 20 थे तो एक क्विंटल आ गया. दो थे तो 10 किलोग्राम आ गया. लोगों ने स्टोर बना लिए और खरीददार सामने ढूंढ लिए.’


उन्होंने कहा कि इतना बढ़िया चावल पहले कभी नहीं खाया था और लोगों को जलन होने लगी कि दो हैं तो 10 किलोग्राम मिला और 20 वाले को एक क्विंटल मिला.

उन्होंने कहा, ‘भैया इसमें दोष किसका है? उसने 20 पैदा किए तो उसे एक क्विंटल मिला, अब इसमें जलन काहे का. जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए, 20 क्यों नही किए?’

इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत ने भारत को ब्रिटेन की जगह अमेरिका का गुलाम बता दिया और कहा कि कोविड-19 ने उसकी शक्ति को भी कम कर दिया.


उन्होंने कहा, ‘जहां हम 200 वर्ष तक अमेरिका के गुलाम थे, पूरे विश्व के अंदर उसका राज था. यह कहते थे कि उसके राज में कभी सूरज छिपता नहीं था, लेकिन आज के समय में वह भी डोल गया, बोल गया.

               Jan Sanvaad 

          Sach Ki Buland Bebak Awaz

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