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मद्रास हाईकोर्ट ने पढाया चुनाव आयोग को आदर्श आचार संहिता का पाठ लगाई भाजपा को फटकार

      मद्रास हाइकोर्ट  P.C-Google

एक बार फिर बीजेपी के आचार संहिता उल्लंघन के मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने लगाई है लताड़ कहां अपराधिक मुकदमा दर्ज कर जांच हो 


मामला चुनावी प्रचार के लिए SMS , MMS , Whatsapp group एवं वॉइस मैसेज के लिए मतदाताओं के मोबाइल नंबर एकत्र करने और और उनके डाटा संग्रहित करने के मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिशा निर्देश दिया कि मामले की जांच करें.

 यह चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया की पुडुचेरी इकाई के अध्यक्ष ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और जस्टिस सेंथिल कुमार राममूर्ति की पीठ ने की 


यूआईडीएआई द्वारा इन आरोपों से इनकार किया गया कि केंद्रशासित राज्य में 6 अप्रैल को होने वाले चुनाव के प्रचार के लिए पार्टी को कोई आधार डेटा, खास तौर पर मतदाताओं के मोबाइल नंबर दिए गए.

.              Sanjib Benarji

Chief Justice Madras High Court


BJP के तरफ से पेश वकील के सारे तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि जब चुनाव निश्चित है ऐसे समय में यह कार्यक्रम आचार संगीता का खुला उल्लंघन है बिना किसी दबाव के चुनाव आयोग को कार्यवाही करनी चाहिए

.                    K Senthil 

अदालत ने इस तर्क को नहीं माना और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का इस तरह नंबर जुटाना ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ है और यूआईडीएआई को इस बारे में जवाब देना चाहिए कि डेटा कैसे साझा हुआ.


अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि आदर्श आचार संहिता लगी हुई है, ऐसे में चुनाव आयोग की अनुमति के बिना कोई नया तरीका नहीं अपनाया जाना चाहिए.

अदालत ने कहा कि यूआईडीएआई को मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किए बिना निजता को बनाए रखने में उल्लंघन के मामलों पर गौर करना चाहिए.


साथ ही हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को भी स्पष्ट निर्देश दिया कि यह मामला आचार संहिता का उल्लंघन तो है ही लेकिन चुनाव आयोग इसकी अलग से आपराधिक जांच भी करें यह स्पष्ट रूप से लोगों की निजता का हनन है और चुनाव आयोग को इस पर गंभीर चिंतन कर कार्रवाई करना चाहिए 


क्या आप जानते हैं उन बातें को जो भारत में एक अप्रैल से लागू हुई

1 अप्रैल का इतिहास

1582 में फ्रांस से आज के दिन को मूर्ख दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई 

1839 में बीस बिस्तर के साथ कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ने काम शुरु किया

1869 में आयकर की शुरुआत की गई

1869 में नया तलाक कानून अस्तित्व में आया
1878 में कलकत्ता संग्रहालय को उसकी मौजूदा इमारत में जनता के लिए खोला गया

1882 में डाक बचत बैंक प्रणाली की शुरुआत
1889 में हिंदू का दैनिक अखबार के तौर पर प्रकाशन शुरु
1912 में भारत की राजधानी को औपचारिक रूप से कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित किया गया

1930 में विवाह के लिए लड़कियों की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और लड़कों की 18 वर्ष निर्धारित की गई

1935 में भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना
1935 में इंडियन पोस्टल आर्डर की शुरुआत

1936 में आज के ही दिन बिहार से विभाजित होकर उड़ीसा अलग राज्य के रुप में अस्तित्व में आया था 

1954 में सुब्रत मुखर्जी भारतीय वायुसेना के पहले प्रमुख बनाए गए

1956 में कंपनीज एक्ट को लागू किया गया

1957 में दाशमिक मुद्रा (डेसिमल कोएनेज) की शुरुआत के तौर पर एक पैसा चलाया गया/ इसी आधार पर डाक टिकटों की बिक्री भी शुरू हुई

1962 में मिट्रिक भार प्रणाली को पूरी तरह अपनाया गया

1969 में तारापुर में देश के पहले परमाणु बिजली घर ने काम करना शुरू किया

1973 में भारत के जिम कार्बेट नेशनल पार्क में बाघ संरक्षण परियोजना की शुरुआत
1976 में टेलीविजन के लिए एक पृथक निगम की स्थापना की गई, जिसे दूरदर्शन नाम दिया गया


 

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         दीपा आनंद एवं अविनाश आनंद कोरोना संक्रमन के रोकथाम के लिए देशभर में वैक्सीनेशन का काम तेज कर दिया गया है / इसी क्रम में कल 10/04/20...