देखो भैया बंगाल चुनाव पर सवाल मत उठाओ क्योंकि हिंदुत्व खतरे में आ जायेगा

बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त बिहार मे हिंदू खतरे में थे अब बंगाल एवं असम में हिंदू खतरे में आ गया है देश भर के दंगाई बंगाल असम पहुंचे हुए हैं 
वैसे तो हिंदूओं को खतरे से निकालने में पीएम खुद कचरे में इतने नीचे गिर गए कि पूछो ही मत !!


भाषाई स्तर हाव भाव तो बिल्कुल हमरे गांव के बगल के ही थे दुलदुली घोड़े (कागज के घोड़े) का नाच दिखनेवाले ठीक उसी जैसी दिख रही थी , वैसे ठेठ गंवई उसे लबार कहते थे अब सभ्य भाषा में जोकर कह सकते हैं
 कहने का हमरा मतलब ई था की इतनी लबारी कर ली कि कोनो अगला बंदा #साहिब के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सकता क्योंकि आप से अधिक नीचे गिर कर बोलने का मतलब हुआ अपने प्रतिद्वंद्वी को माँ बहन की गाली देना औऱ तो कुछ तो पीएम ने बाँकी

वैसे चुनाव आयोग की ईमानदारी औऱ EVM की बेगुनाही का बड़ा सबूत एक बार फिर असम में सामने आ गया है

एक बूथ पर EVM में सिर्फ 171 वोट दर्ज हुए जबकि वहां कुल मतदाता की संख्या 90 थी इस मामले में चुनाव आयोग ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है पर गिरफ्तार नहीं किया है
इसपर कोई  गोदी मीडिया का सत्ता पोषित कुत्ता कुछ नहीं बोलेगा सब एक ही बात बोलेंगे चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं वरना हड्डी नहीं न मिलेगी 
वैधानिक चेतावनी :- कृपया Election Commission की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर आप देशद्रोही हिंदूद्रोही मुल्ला आतंकी पाकिस्तानपरस्त माने जाओगे
राष्ट्रवादी का तमगा सर्टिफिकेट चाहिए तो  बस दोनों हाथ की मुट्ठी बंद कर आसमान की ओर उठाकर महामंत्र का जाप करें “मोदी मोदी मोदी मोदी”

ठीक है !!

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बिगड़े बोल मोदी की भाजपा के अनुकूल हैं

रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि अगर लोगों को कोविड-19 के दौरान अधिक राशन पाना था तो दो से ज़्यादा बच्चे पैदा करते.
इसी कार्यक्रम में रावत ने कहा कि भारत 200 साल अमेरिका का ग़ुलाम था और अब कोविड-19 ने उसकी शक्ति को भी कम कर दिया.
तीरथ सिंह रावत. (फोटो: पीटीआई)

देहरादून: बीते हफ्ते के ‘रिप्ड जींस’ बयान को लेकर विवाद अभी थमा ही था कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रविवार को एक और विवादित बयान देते हुए कहा कि लोगों को कोविड-19 के दौरान अगर ज्यादा राशन पाना था तो उन्हें दो की जगह ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए थे.

नैनीताल जिले के रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कोविड-19 प्रभावितों को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन दिया गया और जिसके 20 बच्चे थे, उसके पास एक क्विंटल राशन आया, जबकि जिसके दो बच्चे थे, उसके पास 10 किलोग्राम आया.


उन्होंने कहा, ‘भैया इसमें दोष किसका है? उसने 20 पैदा किए तो उसे एक क्विंटल मिला, अब इसमें जलन काहे का. जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा था कि संस्कारों के अभाव में युवा अजीबोगरीब फैशन करने लगे हैं और घुटनों पर फटी जींस पहनकर खुद को बडे़ बाप का बेटा समझते हैं.

उन्होंने कहा था कि ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं. इस संबंध में उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा था कि एक बार जब वह हवाई जहाज में बैठे तो उनके साथ एक महिला बैठी थीं जो गम बूट पहने हुई थीं, ऐसे में वह बच्चों को क्या संस्कार देगी.

उनके इस बयान को लेकर भी काफी विवाद पैदा हुआ था और सोशल मीडिया पर जमकर उनकी आलोचना की गई थी.

रामनगर के कार्यक्रम में रविवार को उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों के 10 बच्चे थे तो 50 किलोग्राम राशन आ गया, जिसके 20 थे तो एक क्विंटल आ गया. दो थे तो 10 किलोग्राम आ गया. लोगों ने स्टोर बना लिए और खरीददार सामने ढूंढ लिए.’


उन्होंने कहा कि इतना बढ़िया चावल पहले कभी नहीं खाया था और लोगों को जलन होने लगी कि दो हैं तो 10 किलोग्राम मिला और 20 वाले को एक क्विंटल मिला.

उन्होंने कहा, ‘भैया इसमें दोष किसका है? उसने 20 पैदा किए तो उसे एक क्विंटल मिला, अब इसमें जलन काहे का. जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए, 20 क्यों नही किए?’

इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत ने भारत को ब्रिटेन की जगह अमेरिका का गुलाम बता दिया और कहा कि कोविड-19 ने उसकी शक्ति को भी कम कर दिया.


उन्होंने कहा, ‘जहां हम 200 वर्ष तक अमेरिका के गुलाम थे, पूरे विश्व के अंदर उसका राज था. यह कहते थे कि उसके राज में कभी सूरज छिपता नहीं था, लेकिन आज के समय में वह भी डोल गया, बोल गया.

               Jan Sanvaad 

          Sach Ki Buland Bebak Awaz

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