MSP लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
MSP लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

किसान आंदोलन के समर्थन में उतरे संघ विचारक मेघालय के महामहिम राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक


मोदी सरकार को मेघालय गवर्नर की साफ साफ चेतावनी


बागपत: मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों का पक्ष लेते हुए कहा कि जिस देश का किसान और जवान असंतुष्ट हो, वह कभी आगे नहीं बढ़ सकता.

श्री सत्यपाल मलिक ने कहा कि यदि केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी मान्यता दे देती है, तो प्रदर्शनकारी किसान मान जाएंगे.

उन्होंने कहा, ‘आज की तारीख में किसानों के पक्ष में कोई भी कानून लागू नहीं है. इस स्थिति को ठीक करना चाहिए. जिस देश का किसान और जवान असंतुष्ट होगा उस देश को कोई नहीं बचा सकता 

कहते हैं देश की तरक्की के लिए मजबूत किसान संतुष्ट जवान (Army) जरूरी है

jan sanvaad यूट्यूब चैनल

मलिक ने किसानों की दशा का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों की हालत देखिए कि वो जो भी दैनिक उपभोग उपयोग की चीजें खरीदते हैं , उनके दाम हर वर्ष बढ़ते हैं पर उनके उपजाए फसल की कीमत नहीं बढ़ती /

 जब (बीज की) बुवाई करते हैं, तब उसके दाम कुछ औऱ होता है और जब फसल तैयार होती है तब कम हो जाता है.’

नए कृषि कानूनों को सही ठहराने के लिए भाजपा द्वारा दी जा रही दलील पर तंज करते हुए मलिक ने कहा, ‘बहुत शोर भी मचाया गया कि किसान दूसरी जगह कहीं भी (फसल) बेच सकते हैं. वह तो 15 साल पुराना कानून है, लेकिन इसके बावजूद मथुरा के किसान जब गेहूं लेकर पलवल जाते हैं तो उन पर लाठीचार्ज हो जाता है. सोनीपत का किसान जब नरेला जाता है, तो उस पर लाठीचार्ज हो जाता है.’

संघ विचारक मेघालय के राज्यपाल की मोदी सरकार को बड़ी नसीहत सरदार 300 साल तक दुश्मनी याद रखते हैं

उन्होंने कहा, ‘किसानों के बहुत से सवाल ऐसे हैं, जो हल होने चाहिए. मैं अब भी इस कोशिश में हूं कि किसी तरह यह मसला हल हो. मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि किसानों के मामले में जितनी दूर तक जाना पड़ेगा, मैं जाऊंगा.

मलिक ने कहा, ‘मुझे किसानों की तकलीफ पता है. उनकी पूरी इकोनॉमिक्स (अर्थव्यवस्था) के बारे में मालूम है. किसान इस देश में बहुत बुरे हाल में हैं.’

मलिक ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की घटना का जिक्र करते हुए कहा, ‘पता नहीं आप लोगों में से कितने लोग जानते हैं, लेकिन मैं सिखों को जानता हूं. श्रीमति गांधी (पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी) ने ऑपरेशन ब्लूस्टार चलाने के बाद अपने फार्म हाउस पर एक महीना तक महामृत्युंजय यज्ञ कराया था.’

पाखंड धूर्तता अंधविश्वास के सहारे धर्म का कारोबार

राज्यपाल ने कहा ‘अरुण नेहरू ने मुझे बताया कि उन्होंने उनसे (इंदिरा गांधी से) पूछा कि आप यह तो नहीं मानती थीं, फिर आप यह क्यों करा रही हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि तुम्हें पता नहीं है, मैंने इनका अकाल तख्त तोड़ा है. वे मुझे छोड़ेंगे नहीं. उन्हें इलहाम था कि यह होगा.’

मलिक ने कहा, ‘अभी किसानों के मामले में जब मैंने देखा कि क्या-क्या हो रहा है, तो मैं खुद को रोक नहीं सका और मैंने अपनी बात रखी. मैंने प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) और गृहमंत्री (अमित शाह) दोनों से कहा कि मेरी दो प्रार्थनाएं हैं. एक तो यह कि इन्हें (प्रदर्शनकारी किसानों को) दिल्ली से खाली हाथ मत भेजनाख् क्योंकि यह सरदार (सिख) लोग 300 साल तक (किसी बात को) याद रखते हैं. दूसरा यह कि उन पर बल प्रयोग मत करना. 



जिस दिन (किसान नेता) राकेश टिकैत की गिरफ्तारी का शोर मचा हुआ, उस वक्त भी मैंने हस्तक्षेप कर उसे रुकवाया


Jan Sanvaad News & Views . Email ID - bbreaking534@gmail.com 

कोवेक्सिन पुर्णतः सुरक्षित औऱ मुफ्त है टीका अवश्य लगवाएं - आनंद

         दीपा आनंद एवं अविनाश आनंद कोरोना संक्रमन के रोकथाम के लिए देशभर में वैक्सीनेशन का काम तेज कर दिया गया है / इसी क्रम में कल 10/04/20...