छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 20 और जवानों के शव बरामद किए गए हैं. सूबे के डीजी डीएम अवस्थी ने इस बात की पुष्टि की है. अबतक कुल 22 शव बरामद किए गए हैं. अब भी एक जवान लापता है. कुल 31 जवान घायल हैं. यह इस साल का सबसे बड़ा नक्सली हमला है.
देश की धरती अपने वीर पुत्रों के खून से फिर लाल हो गई एक बार फिर बहुत गहरी चोट
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 20 और जवानों के शव बरामद किए गए हैं. सूबे के डीजी डीएम अवस्थी ने इस बात की पुष्टि की है. अबतक कुल 22 शव बरामद किए गए हैं. अब भी एक जवान लापता है. कुल 31 जवान घायल हैं. यह इस साल का सबसे बड़ा नक्सली हमला है.
मद्रास हाईकोर्ट ने पढाया चुनाव आयोग को आदर्श आचार संहिता का पाठ लगाई भाजपा को फटकार
एक बार फिर बीजेपी के आचार संहिता उल्लंघन के मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने लगाई है लताड़ कहां अपराधिक मुकदमा दर्ज कर जांच हो
मामला चुनावी प्रचार के लिए SMS , MMS , Whatsapp group एवं वॉइस मैसेज के लिए मतदाताओं के मोबाइल नंबर एकत्र करने और और उनके डाटा संग्रहित करने के मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिशा निर्देश दिया कि मामले की जांच करें.
यह चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया की पुडुचेरी इकाई के अध्यक्ष ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और जस्टिस सेंथिल कुमार राममूर्ति की पीठ ने की
यूआईडीएआई द्वारा इन आरोपों से इनकार किया गया कि केंद्रशासित राज्य में 6 अप्रैल को होने वाले चुनाव के प्रचार के लिए पार्टी को कोई आधार डेटा, खास तौर पर मतदाताओं के मोबाइल नंबर दिए गए.
. Sanjib BenarjiChief Justice Madras High Court
BJP के तरफ से पेश वकील के सारे तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि जब चुनाव निश्चित है ऐसे समय में यह कार्यक्रम आचार संगीता का खुला उल्लंघन है बिना किसी दबाव के चुनाव आयोग को कार्यवाही करनी चाहिए
. K Senthilअदालत ने इस तर्क को नहीं माना और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का इस तरह नंबर जुटाना ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ है और यूआईडीएआई को इस बारे में जवाब देना चाहिए कि डेटा कैसे साझा हुआ.
अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि आदर्श आचार संहिता लगी हुई है, ऐसे में चुनाव आयोग की अनुमति के बिना कोई नया तरीका नहीं अपनाया जाना चाहिए.
अदालत ने कहा कि यूआईडीएआई को मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किए बिना निजता को बनाए रखने में उल्लंघन के मामलों पर गौर करना चाहिए.
साथ ही हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को भी स्पष्ट निर्देश दिया कि यह मामला आचार संहिता का उल्लंघन तो है ही लेकिन चुनाव आयोग इसकी अलग से आपराधिक जांच भी करें यह स्पष्ट रूप से लोगों की निजता का हनन है और चुनाव आयोग को इस पर गंभीर चिंतन कर कार्रवाई करना चाहिए
कोवेक्सिन पुर्णतः सुरक्षित औऱ मुफ्त है टीका अवश्य लगवाएं - आनंद
दीपा आनंद एवं अविनाश आनंद कोरोना संक्रमन के रोकथाम के लिए देशभर में वैक्सीनेशन का काम तेज कर दिया गया है / इसी क्रम में कल 10/04/20...
-
अररिया जिले में लगातार कोरोना संक्रमन के नए मामले बढ़ते जा रहे हैं दूसरी तरफ सावधानियों के नाम पर सिर्फ अखबारों में तस्वीरें दिखती है सिर्फ ...
-
चुनाव आयोग के निर्देश पर पंचायत चुनाव के पहले दर्जनों प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्थानांतरित किया गया है ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी अ...