कोवेक्सिन पुर्णतः सुरक्षित औऱ मुफ्त है टीका अवश्य लगवाएं - आनंद

         दीपा आनंद एवं अविनाश आनंद

कोरोना संक्रमन के रोकथाम के लिए देशभर में वैक्सीनेशन का काम तेज कर दिया गया है / इसी क्रम में कल 10/04/2021 को दिन के 11 बजे से नगर परिषद अररियाके वार्ड नं.-09  शिवपुरी नहर पर स्थित सार्वजनिक बजरंगबली मन्दिर परिसर में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को कोवेक्सिन (कोरोना एन्टी वैक्सीन) देने हेतु स्वास्थ विभाग अररिया के तत्वावधान में शिविर आयोजित है

आप अपने साथ आधार कार्ड और मोबाइल नम्बर अनिवार्यत: ले लें

यह वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित बताई गई है  जो मुफ्त दी जायेगी /
यह जानकारी देते हुए वार्ड पार्षद दीपा आनंद ने आम अवाम से निवेदन किया है कि अपने निकट के शिविर में जाकर वैक्सीन जरूर लें स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित करें 

एक तरफ बढ़ रहा कोरोना संक्रमन की रफ्तार दूसरी तरफ ताबड़तोड़ रैली कर रही मोदी सरकार #JoBaatHai

अररिया जिले में लगातार कोरोना संक्रमन के नए मामले बढ़ते जा रहे हैं दूसरी तरफ सावधानियों के नाम पर सिर्फ अखबारों में तस्वीरें दिखती है सिर्फ कागजों में होती है बड़ी बड़ी बातें 



जिले के चार प्रखंड को हॉटस्पॉट जोन बना दिया गया है लेकिन लोगों में कहीं कोई ना चिंता ना फिकर / प्रशासनिक अधिकारियों की भी एक तस्वीर आ जानी चाहिए अखबारों में न्यूज़ माध्यमों में कि उन्होंने मास्क की चेकिंग कर खानापूर्ति कर लिया

दूसरी तरफ देश में चुनावों का दौर जारी है प्रधानमंत्री इस वक्त प्रचार मंत्री की भूमिका में हैं और लाखों की भीड़ जुटाकर उन्हें बताया जा रहा कि डिस्टेंस का पालन करें मास्क लगाएं

कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है| हर दिन संक्रमण के औसतन 20 से 25  मामले सामने आ रहे हैं| शु्क्रवार को जिले में कोरोना संक्रमण के 27 नये मामले सामने आये हैं| इस तरह जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 107 हो गई है| वहीं अब तक कुल 91 हजार 535 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया / इसमें टीका का पहला डोज लेने वालों की संख्या 80 हजार 846 है तो 10 हजार 689 लोग टीका का दूसरा डोज 

दिया गया है जानकारी देते हुए सिविल सर्जन अररिया डॉ एमपी गुप्ता ने कहा जिले का फारबिसगंज व अररिया कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित प्रखंडों में शुमार है|जहां हर दिन औसतन संक्रमण के पांच से आठ मामले मिल रहे हैं / वहीं कुर्साकांट पलासी संक्रमण के लिहाज से हॉटस्पॉट जोन में तब्दील हो चुका है लेकिन इन सब का जमीन पर कोई असर नहीं दिख रहा / प्रभावित प्रखंडों में जिलास्तरीय कार्यक्रम पदाधिकारी को नोडल बहाल किया गया / उन्होंने कहा संक्रमण के अधिकांश मामलों में ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिल रही है / विभाग संक्रमण के स्रोत का पता लगाने पर विशेष ध्यान दे रहा है/

सही खबर बेबाक अंदाज 

संक्रमण की वजह से अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हो इसके लिये जिला स्वास्थ्य विभाग ने सप्ताह में चार दिन कोरोना टीकाकरण अभियान के संचालन का निर्णय लिया है/ हर सप्ताह सोमवार, मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को कोरोना टीकाकरण अभियान का संचालन किया जायेगा / शेष दिनों में आरआई व एनसीडी के तहत संचालित कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा 

देश मजबूत हाथों में है आप आराम से आराम कीजिए

आतंकी हमले में गायब CRPF जवान को नक्सलियों ने मुक्त कर दिया है


खुशी की बात है कि अपहृत CRPF जवान राकेश्वर सिंह जी को नक्सलियों ने अपने कैदमुक्त कर दिया है / हो सकता है कि गायब जवान के बच्चे की मार्मिक अपील का असर हो !


पर मेरा मानना है कि यूँ हजारों की भीड़ जन अदालत लगाकर दर्जनभर पत्रकारों को बुलाकर भीड़ के सामने जवान राकेश्वर सिंह को रस्सी से मुक्त कर नक्सली आमलोगों में अपने मजबूत वजूद का एहसास दिला रहे औऱ स्वयं की छवि रॉबिनहुड जैसी बताना चाह रहे




जहां यह दृश्य केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के चेहरे पर कालिख पोत रही वहीं यह (भीड़ का बड़ा हिस्सा) युवाओं को अंधकार की तरफ आकर्षित करने की सफल रणनीति भी है / जिनके हाथों में हथकड़ी लगी होनी चाहिए वो सेना के जवान का बांध हाथ खोलता है
भीड़ के बीच अचंभित स्तब्ध शर्मसार अवाक जवान

खैर छोड़िए इन बातों को इससे क्या फर्क पड़ता है “देश मजबूत हाथों में है” आतंकी सेना के जवान को रिलीज कर रहा देश का प्रधान बंगाल असम केरल जीत रहा है

आप तो बस ताली बजाते रहिए !!


देखो भैया बंगाल चुनाव पर सवाल मत उठाओ क्योंकि हिंदुत्व खतरे में आ जायेगा

बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त बिहार मे हिंदू खतरे में थे अब बंगाल एवं असम में हिंदू खतरे में आ गया है देश भर के दंगाई बंगाल असम पहुंचे हुए हैं 
वैसे तो हिंदूओं को खतरे से निकालने में पीएम खुद कचरे में इतने नीचे गिर गए कि पूछो ही मत !!


भाषाई स्तर हाव भाव तो बिल्कुल हमरे गांव के बगल के ही थे दुलदुली घोड़े (कागज के घोड़े) का नाच दिखनेवाले ठीक उसी जैसी दिख रही थी , वैसे ठेठ गंवई उसे लबार कहते थे अब सभ्य भाषा में जोकर कह सकते हैं
 कहने का हमरा मतलब ई था की इतनी लबारी कर ली कि कोनो अगला बंदा #साहिब के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सकता क्योंकि आप से अधिक नीचे गिर कर बोलने का मतलब हुआ अपने प्रतिद्वंद्वी को माँ बहन की गाली देना औऱ तो कुछ तो पीएम ने बाँकी

वैसे चुनाव आयोग की ईमानदारी औऱ EVM की बेगुनाही का बड़ा सबूत एक बार फिर असम में सामने आ गया है

एक बूथ पर EVM में सिर्फ 171 वोट दर्ज हुए जबकि वहां कुल मतदाता की संख्या 90 थी इस मामले में चुनाव आयोग ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है पर गिरफ्तार नहीं किया है
इसपर कोई  गोदी मीडिया का सत्ता पोषित कुत्ता कुछ नहीं बोलेगा सब एक ही बात बोलेंगे चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं वरना हड्डी नहीं न मिलेगी 
वैधानिक चेतावनी :- कृपया Election Commission की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर आप देशद्रोही हिंदूद्रोही मुल्ला आतंकी पाकिस्तानपरस्त माने जाओगे
राष्ट्रवादी का तमगा सर्टिफिकेट चाहिए तो  बस दोनों हाथ की मुट्ठी बंद कर आसमान की ओर उठाकर महामंत्र का जाप करें “मोदी मोदी मोदी मोदी”

ठीक है !!

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बिगड़े बोल मोदी की भाजपा के अनुकूल हैं

रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि अगर लोगों को कोविड-19 के दौरान अधिक राशन पाना था तो दो से ज़्यादा बच्चे पैदा करते.
इसी कार्यक्रम में रावत ने कहा कि भारत 200 साल अमेरिका का ग़ुलाम था और अब कोविड-19 ने उसकी शक्ति को भी कम कर दिया.
तीरथ सिंह रावत. (फोटो: पीटीआई)

देहरादून: बीते हफ्ते के ‘रिप्ड जींस’ बयान को लेकर विवाद अभी थमा ही था कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रविवार को एक और विवादित बयान देते हुए कहा कि लोगों को कोविड-19 के दौरान अगर ज्यादा राशन पाना था तो उन्हें दो की जगह ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए थे.

नैनीताल जिले के रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कोविड-19 प्रभावितों को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन दिया गया और जिसके 20 बच्चे थे, उसके पास एक क्विंटल राशन आया, जबकि जिसके दो बच्चे थे, उसके पास 10 किलोग्राम आया.


उन्होंने कहा, ‘भैया इसमें दोष किसका है? उसने 20 पैदा किए तो उसे एक क्विंटल मिला, अब इसमें जलन काहे का. जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा था कि संस्कारों के अभाव में युवा अजीबोगरीब फैशन करने लगे हैं और घुटनों पर फटी जींस पहनकर खुद को बडे़ बाप का बेटा समझते हैं.

उन्होंने कहा था कि ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं. इस संबंध में उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा था कि एक बार जब वह हवाई जहाज में बैठे तो उनके साथ एक महिला बैठी थीं जो गम बूट पहने हुई थीं, ऐसे में वह बच्चों को क्या संस्कार देगी.

उनके इस बयान को लेकर भी काफी विवाद पैदा हुआ था और सोशल मीडिया पर जमकर उनकी आलोचना की गई थी.

रामनगर के कार्यक्रम में रविवार को उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों के 10 बच्चे थे तो 50 किलोग्राम राशन आ गया, जिसके 20 थे तो एक क्विंटल आ गया. दो थे तो 10 किलोग्राम आ गया. लोगों ने स्टोर बना लिए और खरीददार सामने ढूंढ लिए.’


उन्होंने कहा कि इतना बढ़िया चावल पहले कभी नहीं खाया था और लोगों को जलन होने लगी कि दो हैं तो 10 किलोग्राम मिला और 20 वाले को एक क्विंटल मिला.

उन्होंने कहा, ‘भैया इसमें दोष किसका है? उसने 20 पैदा किए तो उसे एक क्विंटल मिला, अब इसमें जलन काहे का. जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए, 20 क्यों नही किए?’

इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत ने भारत को ब्रिटेन की जगह अमेरिका का गुलाम बता दिया और कहा कि कोविड-19 ने उसकी शक्ति को भी कम कर दिया.


उन्होंने कहा, ‘जहां हम 200 वर्ष तक अमेरिका के गुलाम थे, पूरे विश्व के अंदर उसका राज था. यह कहते थे कि उसके राज में कभी सूरज छिपता नहीं था, लेकिन आज के समय में वह भी डोल गया, बोल गया.

               Jan Sanvaad 

          Sach Ki Buland Bebak Awaz

देश की धरती अपने वीर पुत्रों के खून से फिर लाल हो गई एक बार फिर बहुत गहरी चोट

    Shahidon ko Antim Salam 
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 20 और जवानों के शव बरामद किए गए हैं. सूबे के डीजी डीएम अवस्थी ने इस बात की पुष्टि की है. अबतक कुल 22 शव बरामद किए गए हैं. अब भी एक जवान लापता है. कुल 31 जवान घायल हैं. यह इस साल का सबसे बड़ा नक्सली हमला है.
 इस हमले में 8 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए हैं जबकि एक लापता है. वहीं राज्य पुलिस के 14 जवान शहीद हुए हैं. कुल 22 शव बरामद किए गए हैं जबकि एक जवान अब भी लापता है.
शनिवार को इस हमले में नक्सलियों ने देसी रॉकेट लॉन्चर और एलएमजी का इस्तेमाल किया था.सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की सबसे मजबूत गढ़ बीजापुर में यह ऑपरेशन चलाया था. नक्सलियों के विरुद्ध अभियान नक्सलियों के सबसे बड़े पीपुल्स लिबरेशन ग्रुप आर्मी प्लाटून वन (PLGA 1) में से एक हिडमा के गढ़ में था.
सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस को खबर थी कि नक्सलियों का बड़ा दुर्दांत कमांडर हिडमा इस हमले से ही 1 किलोमीटर की दूरी पर पोवर्ती गांव में है जिसके बाद सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया था.
      शहीद जवान 🇮🇳😭🙏
नक्सलियों ने तीन तरीके से सुरक्षाबलों पर हमला किया. पहला बुलेट से, दूसरा नुकीले हथियारों से और देसी रॉकेट लॉन्चर से करीब 200 से 300 नक्सलियों का समूह सुरक्षाबलों की टुकड़ी पर टूट पड़ा था.
नक्सलियों के इस अंतिम गढ़ में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन अब भी जारी है और कुछ ही देर में डीजी सीआरपीएफ वहां पहुंचेंगे इसके अलावा प्रदेश और केंद्रीय यूनिट से सुरक्षा बल भी पहुंचेंगे और इस अभियान में तेजी लाएंगे.       

मद्रास हाईकोर्ट ने पढाया चुनाव आयोग को आदर्श आचार संहिता का पाठ लगाई भाजपा को फटकार

      मद्रास हाइकोर्ट  P.C-Google

एक बार फिर बीजेपी के आचार संहिता उल्लंघन के मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने लगाई है लताड़ कहां अपराधिक मुकदमा दर्ज कर जांच हो 


मामला चुनावी प्रचार के लिए SMS , MMS , Whatsapp group एवं वॉइस मैसेज के लिए मतदाताओं के मोबाइल नंबर एकत्र करने और और उनके डाटा संग्रहित करने के मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिशा निर्देश दिया कि मामले की जांच करें.

 यह चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया की पुडुचेरी इकाई के अध्यक्ष ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और जस्टिस सेंथिल कुमार राममूर्ति की पीठ ने की 


यूआईडीएआई द्वारा इन आरोपों से इनकार किया गया कि केंद्रशासित राज्य में 6 अप्रैल को होने वाले चुनाव के प्रचार के लिए पार्टी को कोई आधार डेटा, खास तौर पर मतदाताओं के मोबाइल नंबर दिए गए.

.              Sanjib Benarji

Chief Justice Madras High Court


BJP के तरफ से पेश वकील के सारे तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि जब चुनाव निश्चित है ऐसे समय में यह कार्यक्रम आचार संगीता का खुला उल्लंघन है बिना किसी दबाव के चुनाव आयोग को कार्यवाही करनी चाहिए

.                    K Senthil 

अदालत ने इस तर्क को नहीं माना और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का इस तरह नंबर जुटाना ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ है और यूआईडीएआई को इस बारे में जवाब देना चाहिए कि डेटा कैसे साझा हुआ.


अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि आदर्श आचार संहिता लगी हुई है, ऐसे में चुनाव आयोग की अनुमति के बिना कोई नया तरीका नहीं अपनाया जाना चाहिए.

अदालत ने कहा कि यूआईडीएआई को मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किए बिना निजता को बनाए रखने में उल्लंघन के मामलों पर गौर करना चाहिए.


साथ ही हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को भी स्पष्ट निर्देश दिया कि यह मामला आचार संहिता का उल्लंघन तो है ही लेकिन चुनाव आयोग इसकी अलग से आपराधिक जांच भी करें यह स्पष्ट रूप से लोगों की निजता का हनन है और चुनाव आयोग को इस पर गंभीर चिंतन कर कार्रवाई करना चाहिए 


RSS भारत को हिंदू राष्ट्र बना रही यह पूरी तरह संविधान विरोधी कोशिश है इसकी निंदा करते हैं - SGPC

Public App


गुरुद्वारों का संचालन करने वाली सबसे बड़ी संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने एक प्रस्ताव पारित कर भारत में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने और देश को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कथित कदम की निंदा की है.


कमेटी ने कहा है कि केंद्र सरकार को ‘आरएसएस के उद्देश्यों’ को पूरा करने के बजाय सभी धर्मों के अधिकारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करनी चाहिए. प्रस्ताव में कहा गया कि अल्पसंख्यकों को दबाने वालों को सजा दी जानी चाहिए.

प्रस्ताव में कहा गया है, ‘भारत एक बहु-धार्मिक, बहुभाषी और बहु-जातीय देश है. प्रत्येक धर्म ने इसकी स्वतंत्रता में, विशेषकर सिख समुदाय ने (जिन्होंने 80 प्रतिशत से अधिक बलिदान किए हैं) ने महान योगदान दिया है. लेकिन दुख की बात है कि लंबे समय से देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के आरएसएस के कदम के मद्देनजर अन्य धर्मों की धार्मिक स्वतंत्रता को दबा दिया गया है. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप के जरिये अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है.’

एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर दौरा ये प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसे 30 मार्च को वार्षिक बजट सत्र में स्वीकार किया गया. ये प्रस्ताव ऐसे समय पर आया है जब सिख समेत कई किसान विवादित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे हैं.


इसके अलावा एक सिख जत्थे को पाकिस्तान के ननकाना साहिब में जाने से रोकने की कड़ी आलोचना की गई है और कहा गया है कि भारत सरकार ने हूबहू ब्रिटिश और मुगलों जैसा कदम उठा है और उन्हें सिख समुदाय से माफी मांगना चाहिए.

इसके साथ ही मोदी सरकार के कृषि कानूनों की आलोचना करने हुए एक अन्य प्रस्ताव पारित किया गया. इसमें कहा गया है कि देश में कृषि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, क्योंकि किसान ही सबको भोजन मुहैया कराता है. उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा पारित किया गया कृषि कानून किसानों को बर्बाद कर देगा, इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाए.

एक अन्य प्रस्ताव में एसजीपीसी ने नवरीत सिंह के निधन की भी निंदा की है, जिनकी 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान मौत हो गई थी. उन्होंने इसे लेकर एक निष्पक्ष जांच और जेल में बंद अन्य किसानों को तत्काल रिहा करने की मांग की है.

इसके अलावा संगठन ने संयुक्त राष्ट्र से 2021 को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वर्ष घोषित करने की मांग की गई है. इसी साल एक मई 2021 को गुरु तेग बहादुर की 400वीं जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा.

उन्होंने अपने प्रस्ताव में कहा कि हिंदू धर्म के सिद्धांतों से असहमति होने के बावजूद गुरु तेग बहादुर ने जबरदस्ती धर्म परिवर्तन का विरोध किया था और शहीद हो गए. इसके साथ ही उन्होंने गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को भी खोलने की मांग की है.

ऐसा क्या हुआ कि एक बार फिर मोदी सरकार ने थूक कर चाट लिया ??

एक बार फिर मोदी (आदरणीय Narendra Modi ji ) की सरकार ने थूक कर चाट लिया है
दरअसल भारत सरकार के वित्त मंत्री ने धांसू प्लान बनाया जिसे “गरीब” उन्मूलन के दिशा में मील का पत्थर कह सकते हैं , लेकिन इस कानून की चर्चा जिसने भी सुनी ख़िलाफ़त करने लगे औऱ विरोध बढ़ता जा रहा था / बंगाल विधानसभा औऱ फिर असम चुनाव में माहौल गड़बड़ नहीं हो जाए इन सब चीजों को देखते हुए तत्काल मोदी सरकार दो कदम पीछे लौट गई और फिर वित्तमंत्री ने ब्याज दर घटाने का अपना फैसला वापस लिया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि यह फ़ैसला भूल से हुआ था.' 😁😁😁

क्या आप जानते हैं उन बातें को जो भारत में एक अप्रैल से लागू हुई

1 अप्रैल का इतिहास

1582 में फ्रांस से आज के दिन को मूर्ख दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई 

1839 में बीस बिस्तर के साथ कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ने काम शुरु किया

1869 में आयकर की शुरुआत की गई

1869 में नया तलाक कानून अस्तित्व में आया
1878 में कलकत्ता संग्रहालय को उसकी मौजूदा इमारत में जनता के लिए खोला गया

1882 में डाक बचत बैंक प्रणाली की शुरुआत
1889 में हिंदू का दैनिक अखबार के तौर पर प्रकाशन शुरु
1912 में भारत की राजधानी को औपचारिक रूप से कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित किया गया

1930 में विवाह के लिए लड़कियों की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और लड़कों की 18 वर्ष निर्धारित की गई

1935 में भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना
1935 में इंडियन पोस्टल आर्डर की शुरुआत

1936 में आज के ही दिन बिहार से विभाजित होकर उड़ीसा अलग राज्य के रुप में अस्तित्व में आया था 

1954 में सुब्रत मुखर्जी भारतीय वायुसेना के पहले प्रमुख बनाए गए

1956 में कंपनीज एक्ट को लागू किया गया

1957 में दाशमिक मुद्रा (डेसिमल कोएनेज) की शुरुआत के तौर पर एक पैसा चलाया गया/ इसी आधार पर डाक टिकटों की बिक्री भी शुरू हुई

1962 में मिट्रिक भार प्रणाली को पूरी तरह अपनाया गया

1969 में तारापुर में देश के पहले परमाणु बिजली घर ने काम करना शुरू किया

1973 में भारत के जिम कार्बेट नेशनल पार्क में बाघ संरक्षण परियोजना की शुरुआत
1976 में टेलीविजन के लिए एक पृथक निगम की स्थापना की गई, जिसे दूरदर्शन नाम दिया गया


 

कोवेक्सिन पुर्णतः सुरक्षित औऱ मुफ्त है टीका अवश्य लगवाएं - आनंद

         दीपा आनंद एवं अविनाश आनंद कोरोना संक्रमन के रोकथाम के लिए देशभर में वैक्सीनेशन का काम तेज कर दिया गया है / इसी क्रम में कल 10/04/20...