नरेंद्र मोदी - क्या सोचा क्या निकला

देश की जनता , कहना गलत होगा , देश की 32 प्रतिशत जनता ने मोदी जी की छवि अपने दिमाग में एक सुपर मेन की बैठाई थी ,

जिनके आते हीं #कालाधन देश में आ जाएगा , देश में #रोजगार का सृजन होगा #विकास की आंधी बहेगी #युवाओं का समुज्जवल भविष्य निर्माण शुरू होगा #शांति होगी #उग्रवादियों पर अंकुश लगेगा #पाकिस्तान को घर में घुस कर मारेंगे #दाऊद_इब्राहिम जैसों को खींचकर देश में लाया जाएगा #डॉलर के मुकाबले रुपैया तेज होगा महंगाई में गिरावट आएगी खाद्दान्न सस्ते होंगे #नक्सली समस्या पर गंभीर चिंतन होगा #जवानों के हितों की रक्षा होगी....

पर हुआ क्या ?

प्रधानमंत्री जी ने काला धन के नाम पर खानापूर्ति करते हुए नोटबंदी का क्रम लागू कर दिया , परिणाम पूरे देश की अर्थव्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई थी,
लोग दिनचर्या के कामों को छोड़कर बैंकों की आगे कतार में लगे दिखे हाउस कतार में एक भी करोड़पति अरबपति नहीं थी खेतों खेती और किसान कम तनख्वाह वाले सरकारी अधिकारी छोटे व्यवसाय मजदूर जिनके पास अपने मेहनत की कमाई से जमा 5-10, 500 1000 के नोट्स थे जिन्हें बदलने के लिए वह अपने सारी ऊर्जा को लगा रहा था

रोजगार सृजन की दिशा में अब तक सरकार का सफर शून्य है हां मोदी जी की सरकार बनने के बाद गौ रक्षक का रोजगार सृजन हुआ है जो मानव भक्षक बंद कर अपनी निष्ठा दिखाते हैं

रुपैया के मुकाबले डॉलर रोज मजबूत होता जा रहा है

नक्सली समस्या और भयावह रूप लेती जा रही

पाकिस्तान के मन इतनी बढ़ गई कि अब हमारे सैनिकों की शहादत के बाद उनके लाशों के साथ अमानवीय कृत्य किया जा रहा है

चुनाव आयोग जम्मू कश्मीर के अनंतनाग लोकसभा में उपचुनाव करवाने की स्थिति में नहीं पूरा का पूरा जम्मू कश्मीर पत्थरबाजों के कब्जे में आए दिन देश के जांबाज सबूतों के साथ कश्मीर से अनहोनी घटनाएं सुनने में आती है

देश के अंदर विभिन्न धर्मों के बीच अविश्वास का माहौल बन गया

गरीबी भुखमरी विकास जैसे मुद्दे गायब हो गए अभी तीन तलाक गौ हत्या अजान जैसे मुद्दे राष्ट्रीय मुद्दे बन गए

अच्छे खासे रक्षा वजट बाले देश में जवान (तेजबहादुर) जली रोटी दिखाता है तो उसे नोकरी से बर्खास्त कर दिया जाता है

जवानों की शहादत के बाद रटे-रटाए जुमले घटना की कड़ी निंदा शहादत बेकार नहीं जाएगी और पड़ोसी देश को चेतावनी अंत में जवानों को श्रद्धांजलि एक खानापूर्ति की रसम बन गई है

छप्पन इंची के सीने वाले प्रधानमंत्री पूर्णत: मौन है उनके मन की बात का विषय सेना की शहादत नहीं नक्सल की समस्या नहीं जम्मू कश्मीर के पत्थरबाज नहीं बल्कि कोई राजनीतिक विषय होता है

पिछले प्रधानमंत्री तो बयान देकर खानापूर्ति करते थे अभी वाली #साहिब तो बयान भी देना जरुरी नहीं समझ रहे

जो मीडिया हर घटना के बाद पूर्व प्रधानमंत्री जी का इस्तीफा मांगतीे थी आज सरकार} के तलुवे चाट रही
समय के साथ बयान को बदलने वाले नेताओं की सूची में श्री नरेंद्र मोदी जी का नाम सर्वप्रथम आएगा

देश की जनता खुद को ठगी सी मासूस कर रही जिसे शेर समझा था वह तो मिट्टी के शेर निकला

मेरी माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी से करबद्ध प्रार्थना है कि पाकिस्तान को उसकी हद बताते हुए आर पार का जवाब दें

शायद आपके इस कदम से देश विकास भुखमरी गरीबी सबको भूल जाएगा 🙏

जय हिंद वंदे मातरम ✍

सुकमा नक्सली हमला

देश के अंदर हमारे वीर जवानों पर देश यही कुछ विध्वंसक तत्वों ने कायराना हमला किया और हमारे 24-26 जवान शहीद हो गए

हर बड़ी घटना के बाद औपचारिकता की शोकसभा श्रद्धांजलि और हुक्मरानों द्वारा रटे रटाए अल्फाज कड़ी निंदा घोर निंदा का दौर चल रहा देश के गृह मंत्री ने इस घटना की कड़ी निंदा की मानो उनकी कड़ी निंदा के बाद अमानवीय गुणों वाले नक्सली आत्मसमर्पण कर देंगे या फिर आने वाले दिनों में कभी हिंसा नहीं करेंगे , शहीद जवानों के परिजनों को उनके घर का खोया सदस्य मिल जाएगा

विचारणीय प्रश्न है क्या प्रधानमंत्री गृह मंत्री या अन्य के द्वारा इस घटना की निंदा भर्तसना से समस्या का हल हो जाएगा ?

शायद नहीं सरकार को कुछ ठोस पहल कुछ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है अपनी सूचना तंत्र को झकझोरने की आवश्यकता है प्रशासन की मुखबीर या तो है ही नहीं या फिर दहशत में बिके हुए से दिखते हैं

प्रशासन ने अपनी पैठ आज तक इन नक्सली संगठनों में कायम नहीं किया इक्के दुक्के विवादास्पद मुखबिरों की सूचना पर कार्यवाहियों को अंजाम दिया जाता है नक्सली ना केवल लाकर अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रहे हैं बल्कि बीच-बीच में पूरे देशवासियों के लिए ऐसी असहनीय पीड़ा दे जाते हैं और हमारी सरकार बड़ी-बड़ी बातें करते खोखले वादे और धमकियां देते अपने दायित्व की इति श्री मान लेते हैं

फर्ज कीजिए आज छत्तीसगढ़ में या फिर देश में भाजपा की सरकार नहीं होती तो क्या तब भी नरेंद्र मोदी जी राजनाथ सिंह जी या अन्य भाजपाई सिर्फ दुखी प्रकट करते जी नहीं भक्तों की फौज ट्रोल कर रही होती और एक से एक क्रांतिकारी पोस्ट आते

सवाल यह नहीं है कि हमने अब तक क्या खोया सवाल किया है कि हमारी तैयारी हमारी सोच आने वाले दिनों में ऐसे घटने ना हो इसके लिए कितनी है सरकारों को अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए सीमा पार के उग्रवादियों से जिस अंदाज में हम निपटते हैं हमारी सरकारों को वही जवाब वही रुतवा नक्सलियों के लिए रखना चाहिए

क्योंकि

उग्रवादियों का कोई मजहब नहीं होता देश नहीं होता भावना नहीं होती मानवता नहीं होता , एक ही उपाय ठोको सालों को 👊

कोवेक्सिन पुर्णतः सुरक्षित औऱ मुफ्त है टीका अवश्य लगवाएं - आनंद

         दीपा आनंद एवं अविनाश आनंद कोरोना संक्रमन के रोकथाम के लिए देशभर में वैक्सीनेशन का काम तेज कर दिया गया है / इसी क्रम में कल 10/04/20...